लोक नृत्य दल
6–30 artists
राज्य लोक नृत्य — राई, धोबिया, चरकुला, भांगड़ा, गरबा, बिहू आदि।
मंच स्लॉट, स्वीकृत मानदेय एवं प्रमाण-पत्र
लोक नृत्य दल, शास्त्रीय कलाकार, नौटंकी एवं रंगमंच समूह, कठपुतली एवं जादू कलाकार, म्यूज़िक बैंड तथा विद्यालय — वृन्दावन योजना, लखनऊ के मुख्य मंच पर निश्चित स्लॉट हेतु पंजीकरण करें।
महोत्सव शुरू होने में
अपने दल का विवरण भेजें। हमारी सांस्कृतिक समिति तिथि एवं मंच स्लॉट की पुष्टि करेगी।
महोत्सव का सांस्कृतिक मंच 21 संध्याओं तक सक्रिय रहता है — हर शाम एक नया दर्शक वर्ग।
समीक्षा के बाद आपकी प्रस्तुति की तिथि एवं समय लिखित रूप में पुष्ट किया जाता है।
सांध्य कार्यक्रमों में सर्वाधिक भीड़ रहती है — परिवार, युवा और स्थानीय दर्शक।
प्रस्तुति देने वाले दलों को प्रमाण-पत्र तथा स्वीकृत मानदेय दिया जाता है।
प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में कवरेज एवं सोशल मीडिया पर प्रस्तुति की झलक।
उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के दलों को भी मंच दिया जाता है।
यू.पी. महोत्सव एवं अवध महोत्सव — एक ही सीज़न में तीन आयोजनों के अवसर।
लोक, शास्त्रीय, रंगमंच, कठपुतली, बैंड अथवा संस्थागत कार्यक्रम — अपनी विधा चुनें।
6–30 artists
राज्य लोक नृत्य — राई, धोबिया, चरकुला, भांगड़ा, गरबा, बिहू आदि।
मंच स्लॉट, स्वीकृत मानदेय एवं प्रमाण-पत्र
Solo to 15 artists
कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, शास्त्रीय गायन एवं वादन।
प्रमुख सांध्य मंच स्लॉट
5–25 artists
रंगमंच, नुक्कड़ नाटक एवं सामाजिक संदेश प्रस्तुतियाँ।
मंच स्लॉट एवं प्रमाण-पत्र
2–10 artists
पारंपरिक कठपुतली, जादू शो एवं स्ट्रीट मनोरंजन।
प्रतिदिन प्रस्तुति स्लॉट
4–20 artists
लाइव बैंड, ऑर्केस्ट्रा एवं सूफ़ी/कव्वाली प्रस्तुतियाँ।
सांध्य मंच स्लॉट
10–50 students
संस्थागत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं वार्षिकोत्सव शोकेस।
मंच स्लॉट एवं प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र
दल का नाम, विधा, कलाकारों की संख्या एवं प्रस्तुति का वीडियो अथवा फ़ोटो भेजें।
सांस्कृतिक समिति आपकी प्रस्तुति की समीक्षा कर उपयुक्त संध्या तय करती है।
तिथि, समय एवं अवधि की लिखित पुष्टि व्हाट्सएप एवं ईमेल पर भेजी जाती है।
निर्धारित संध्या पर मंच पर प्रस्तुति दें — साउंड, लाइट एवं मंच व्यवस्था आयोजक की ओर से।
आपका प्रश्न यहाँ नहीं है?
हर संध्या में सीमित संख्या में दल प्रस्तुति देते हैं। अच्छी तिथि चाहिए तो जल्दी आवेदन करें।