उत्तर प्रदेश रत्न सम्मान
उत्तर प्रदेश रत्न सम्मान विभिन्न क्षेत्रों जैसे सामाजिक कार्य, खेल, कला, साहित्य, और उद्यमिता में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को प्रदान किया जाता है।
समान पत्र, प्रतीक चिन्ह (मेडल/स्मृति चिन्ह) और अंग वस्त्र (शॉल)
शिल्प गुरु सम्मान, नारी शक्ति सम्मान, युवा उद्यमी सम्मान, समाज रत्न सम्मान, सैनिक सम्मान एवं ओ.डी.ओ.पी. उत्कृष्टता सम्मान — स्वयं का अथवा किसी योग्य व्यक्ति या संस्था का नामांकन करें।
महोत्सव शुरू होने में
नामांकित व्यक्ति/संस्था का विवरण एवं योगदान भेजें। समिति समीक्षा कर संपर्क करेगी।
यह सिर्फ़ एक स्मृति चिन्ह नहीं — यह आपके वर्षों के काम की सार्वजनिक स्वीकृति है।
गणमान्य अतिथियों द्वारा हज़ारों दर्शकों के समक्ष शॉल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र।
सम्मान समारोह की कवरेज प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में होती है।
सम्मान के क्षण की पेशेवर फ़ोटो एवं वीडियो, जो आप आगे उपयोग कर सकते हैं।
ओ.डी.ओ.पी. प्रकोष्ठ, उ.प्र. द्वारा अधिसूचित राज्य स्तरीय मेले का मंच।
उद्यमियों, शिल्पियों, अधिकारियों एवं संस्थाओं से सीधा परिचय।
सम्मान प्राप्त व्यक्तियों को आगामी महोत्सवों में भी आमंत्रित किया जाता है।
अपने अथवा नामांकित व्यक्ति के कार्यक्षेत्र के अनुसार उपयुक्त श्रेणी चुनें।
उत्तर प्रदेश रत्न सम्मान विभिन्न क्षेत्रों जैसे सामाजिक कार्य, खेल, कला, साहित्य, और उद्यमिता में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को प्रदान किया जाता है।
समान पत्र, प्रतीक चिन्ह (मेडल/स्मृति चिन्ह) और अंग वस्त्र (शॉल)
कला, संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान, खेल, साहित्य, समाजसेवा, कृषि और उद्यमिता आदि।
11 लाख नकद पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र, और राज्य का प्रतीक चिन्ह
समाज में बदलाव लाने वाली महिलाओं) को सम्मानित करने के लिए
पारंपरिक शिल्प में उत्कृष्ट आजीवन योगदान हेतु मास्टर शिल्पियों के लिए।
स्मृति चिन्ह, शॉल, प्रशस्ति-पत्र एवं मंच सम्मान
उत्तर प्रदेश एवं देशभर की महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह नेतृत्व एवं बदलाव-कर्ताओं हेतु।
स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं मंच सम्मान
Under 40 years
40 वर्ष से कम आयु के युवा उद्यमियों हेतु जो शिल्प, एम.एस.एम.ई. या सामाजिक उद्यम चला रहे हैं।
स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं मंच सम्मान
शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य या ग्रामीण विकास में सेवारत व्यक्तियों एवं संस्थाओं हेतु।
स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं मंच सम्मान
सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों तथा उनके परिवारों का सम्मान।
स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं मंच सम्मान
उत्कृष्ट उत्पाद गुणवत्ता, नवाचार या निर्यात वृद्धि दिखाने वाली ओ.डी.ओ.पी. इकाइयों हेतु।
स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं मंच सम्मान
नामांकन शुल्क ₹1,000 प्रति नामांकन — यही एकमात्र भुगतान है (सैनिक सम्मान निःशुल्क है)।
चयन हो जाने के बाद किसी भी स्तर पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
सम्मान में स्मृति चिन्ह, शॉल एवं प्रशस्ति-पत्र दिया जाता है — कोई नकद पुरस्कार राशि नहीं।
नामांकित व्यक्ति/संस्था का विवरण, योगदान एवं समर्थक दस्तावेज़ भेजें।
महोत्सव सम्मान समिति योगदान, दस्तावेज़ एवं संदर्भों के आधार पर समीक्षा करती है।
शॉर्टलिस्टेड नामांकितों से सत्यापन हेतु संपर्क किया जाता है और अंतिम सूची स्वीकृत होती है।
निर्धारित तिथि पर मुख्य मंच पर गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मान।
आपका प्रश्न यहाँ नहीं है?
आपके आसपास कोई शिल्पी, उद्यमी, समाजसेवी या सैनिक परिवार है जिसका काम सामने नहीं आया? उनका नामांकन कीजिए।